लखनऊ:- उन्होंने कहा है कि सोसाइटी के रूप में पंजीकृत संस्थाओं के पंजीकरण नवीनीकरण तथा उनकी संपत्तियों के पारदर्शी प्रबंधन को सुधार करने के लिए युगानुकुल और व्यावहारिक प्रावधान किए जाने चाहिए। वर्तमान अधिनियम में पारदर्शिता जवाबदेही सुनिश्चित करने संस्थाओं के निरस्तीकरण / विघटन और संपत्ति के सुरक्षित प्रबंधन और चुनाव संबंधी विवादों के समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट प्रावधानों का अभाव है! इसी प्रकार वित्तीय अनुशासन के लिए ऑडिट के नियम व निधियों के दुरुपयोग पर नियंत्रण और संपत्ति प्रबंधन से संबंधित नियम भी पर्याप्त नहीं है ऐसे में यह आवश्यक है की व्यावहारिकता का ध्यान रखते हुए सोसायटी पंजीकरण अधिनियम लागू किया जाए।
