मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है!
योगी आदित्यनाथ सरकार में जहां गरीब तबके और संत-महंतों के आश्रमों पर सीलिंग की कार्रवाई तेज़ होती है, वहीं बड़े पूंजीपतियों पर कार्रवाई का डंडा पूरी तरह जीरो क्यों? एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन पर रसूखदार लोगों के खिलाफ नरम रवैये का आरोप लग रहा है।
क्या प्राधिकरण नियम सिर्फ छोटे लोगों के लिए हैं? आइए देखते हैं ये चौंकाने वाले उदाहरण।
मथुरा-वृंदावन में विकास प्राधिकरण की नीति पर सवालिया निशान लग गया है। एक तरफ नियमों का सख्ती से पालन, दूसरी तरफ बड़े होटल, हॉस्पिटल और बिल्डिंग मालिकों को खुली छूट। आइए जानते हैं उन उल्लंघनों की लिस्ट, जिन पर प्राधिकरण के हाथ कांप रहे हैं।
पॉइंट 1:
वृंदावन छटीकरा मार्ग पर प्रेम मंदिर के निकट बीकानेर वाला होटल एंड रेस्टोरेंट। आवासीय मानचित्र स्वीकृत है, लेकिन कमर्शियल गतिविधियां धड़ल्ले से चल रही हैं। फायर सेफ्टी का नामोनिशान नहीं, फिर भी प्राधिकरण का वरदान प्राप्त है। कंपाउंडिंग नियम लागू क्यों नहीं होते?
पॉइंट 2:
राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सिम्स हॉस्पिटल। बेसमेंट में ओपीडी, एमआरआई, एक्स-रे और पैथोलॉजी लैब नियमों के विरुद्ध चल रही हैं। क्या मरीजों की सुरक्षा प्राधिकरण की प्राथमिकता नहीं?
पॉइंट 3:
आरोग्य हॉस्पिटल, गोवर्धन चौराहा। आवासीय इलाके में संचालित, बेसमेंट में ऑफिस और मेडिकल गतिविधियां। नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
पॉइंट 4:
कृष्णा नगर मुख्य मार्ग पर, विधायक पूरन प्रकाश के सामने स्वास्तिक बिल्डिंग। अवैध निर्माण, आवासीय मानचित्र पास लेकिन कमर्शियल यूज। प्राधिकरण की नजर क्यों बच रही है?
पॉइंट 5:
रुक्मणी आवासीय विहार योजना के ग्रुप हाउसिंग प्लॉट पर होटल हाइड अवे (Hide-Away) का अवैध संचालन। कार्यवाही के नाम पर प्राधिकरण शून्य।
पॉइंट 6:
कोषदा मंदाकिनी होटल एंड रिजॉर्ट। ग्रुप हाउसिंग में आवासीय मानचित्र स्वीकृत, लेकिन होटल चल रहा है। प्राधिकरण की कार्रवाई कहां है?
पॉइंट 7:
राष्ट्रीय राजमार्ग पर होटल मिस्टिक पाम। सेटबैक में अवैध रेस्टोरेंट, बार और स्विमिंग पूल। प्राधिकरण की जांच में दोषी पाया गया, फिर भी कार्यवाही नाम की भी नहीं।
योगी सरकार के सख्त नियमों का क्या? अफसरों की जवाबदेही कहां? एमवीडीए उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन से सवाल है – बड़े पूंजीपतियों पर क्यों जीरो एक्शन? गरीबों और संत-महंतों के आश्रमों पर सीलिंग क्यों? क्या विकास प्राधिकरण अब केवल चुनिंदा लोगों की सेवा कर रहा है?
रिपोर्टर:-आकाश चतुर्वेदी बैंकर
समाचार सुपरफास्ट न्यूज इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है। हमने सीएम योगी आदित्यनाथ, एमवीडीए और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। जनता चाहती है – दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, नियम सबके लिए बराबर लागू हों।
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