🚨मथुरा-वृंदावन ब्रेकिंग न्यूज🚨
बिना RERA रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से हो रहे बैनामा !
बिल्डर के के चौधरी का बड़ा खेल इन दो फर्मो से होता है बिना रेरा पंजीकरण वाली कॉलोनी का बैनामा
1. श्री मैसर्स राधे गोविंद इंफ्रा केयर प्राइवेट लिमिटेड
1. श्री मैसेज राधे गोविंद डेवलपर्स
एक नंबर दो नंबर प्रति गज के रेट का खुलासा जल्द…
बिल्डर के के चौधरी के सामने स्टांम्प पंजीकरण सब-रजिस्ट्रार कार्यालय और मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के अधिकारीयों ने मौन व्रत रख लिया है.
योगी सरकार की ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ की दावेदारी फिर हवा में?
मथुरा शहर के आउटर में बिना रेरा पंजीयन वाली कॉलोनी विकसित हो चुकी है बिल्डर के के चौधरी सभी नियम और शर्तो को ताक पर रखकर बिना रेरा लिए काट चुके हैं 1. गणेश सिटी 2. श्री गणेश सिटी-2 , 3. गणेश सिटी द्वारिका कॉलोनी इन कालोनियों में लोगों को प्लॉट व विला बेचे जा चुके हैं.
होटल अभिनन्दन के पीछे बिल्डर के के चौधरी लॉयर्स कॉलोनी के पास धडल्ले से चौथी कॉलोनी काट रहे हैं.
MVDA और सब रजिस्ट्रार के मिली भगत से RERA के शासनादेश और नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं
धमाकेदार आरोप:
रेरा नियमों का घोर उल्लंघन: RERA एक्ट की धारा-3 के तहत किसी भी प्रोजेक्ट को बिना रजिस्ट्रेशन के मार्केटिंग, होर्डिंग, बुकिंग या रजिस्ट्री नहीं की जा सकती।
रेरा का क्या नियम है नीचे जानिए.👇
बिना रेरा पंजीकृत प्रोजेक्ट में कोई रजिस्ट्री नहीं होगी। साथ ही बेनामी लेन-देन पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है। आइए बिंदुवार समझते हैं:
- प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन अनिवार्य (Rule 3, 4, 6)
कोई भी प्रमोटर बिना रेरा अथॉरिटी से पंजीकरण प्राप्त किए प्रोजेक्ट में बिक्री, बुकिंग या एग्रीमेंट नहीं कर सकता।
रेरा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Form C) प्राप्त करने के बाद ही स्टांप विभाग रजिस्ट्री करेगा।
बिना रेरा अप्रूवल के कोई भी सेल या ट्रांसफर अमान्य माना जाएगा। - टाइटल डीड और एनकंब्रेंस की पूरी डिटेल्स अनिवार्य (Rule 3(1))
प्रमोटर को कानूनी टाइटल डीड, एनकंब्रेंस (भार/दावे) की पूरी जानकारी रेरा को देनी होगी।
अगर जमीन किसी और की है तो कोलेबोरेशन/डेवलपमेंट एग्रीमेंट की कॉपी जमा करनी होगी।
नो एनकंब्रेंस सर्टिफिकेट (10 साल का अनुभव वाले वकील से) भी अपलोड करना जरूरी।
ये सभी दस्तावेज रेरा वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाते हैं, ताकि स्टांप विभाग और खरीदार चेक कर सकें। - बेनामी लेन-देन पर सख्त रोक
रेरा नियमों में स्पष्ट है कि प्रमोटर को साफ-साफ बताना होगा कि जमीन पर कोई बेनामी हित, अधिकार या तीसरे पक्ष का दावा तो नहीं है।
Form B (एफिडेविट) में प्रमोटर शपथ लेता है कि जमीन मुक्त है या सभी एनकंब्रेंस बताए गए हैं।
बेनामी पाए जाने पर रेरा रजिस्ट्रेशन रद्द, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान। - स्टांप एवं पंजीकरण विभाग की भूमिका
रेरा अथॉरिटी के रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स की लिस्ट सार्वजनिक वेबसाइट पर उपलब्ध।
स्टांप विभाग केवल रेरा रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में ही सेल डीड/कन्वेयरेंस डीड रजिस्टर करेगा।
बिना रेरा अप्रूवल के रजिस्ट्री करने पर प्रमोटर और अधिकारी दोनों पर दंडनीय कार्रवाई। - 70% फंड्स का अलग खाता (Section 4(2)(D))
प्रमोटर को 70% राशि अलग बैंक खाते में रखनी होगी, जो सिर्फ निर्माण और जमीन खर्च पर खर्च हो।
यह सुनिश्चित करता है कि बेनामी या गलत तरीके से फंड्स का दुरुपयोग न हो।
योगी सरकार बार-बार भ्रष्टाचार पर सख्ती का दावा करती है, लेकिन वृंदावन जैसे पवित्र शहर में अगर बिना RERA रजिस्ट्रेशन के लगाकर कॉलोनी कट रही हैं सरकार को गुमराह किया जा रहा है तो सवाल उठना लाजमी है। MVDA और UP-RERA को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
रिपोर्ट:-आकाश चतुर्वेदी बैंकर
सी.ई.ओ & एडिटर इन चीफ
समाचार सुपरफास्ट
(उत्तर-प्रदेश/उत्तराखंड)
