समाचार सुपरफास्ट रिपोर्ट;- आकाश चतुर्वेदी बैंकर | लखनऊ
जेल और विदेश से साजिश रचने वालों पर भी होगी कार्रवाई – DGP राजीव कृष्ण
लखनऊ। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल दो शूटरों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद यूपी के DGP राजीव कृष्ण ने बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है।
DGP ने कहा – “उत्तर प्रदेश से बाहर बैठकर अपराध की साजिश रचने और करने वाले किसी भ्रम में न रहें। जेल या विदेश में बैठे अपराधियों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा और प्रदेश को किसी भी गैंग की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा।”
DGP राजीव कृष्ण ने बताया कि हत्याकांड के बाद 11 पुलिस अफसरों की टीम लगाई गई थी, जिसमें 4 डिस्ट्रिक्ट के SP शामिल थे। सफल खुलासे से यह साबित हो गया है कि यूपी पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में सक्षम है, चाहे वे कहीं भी छिपे हों।
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश की सीमा से बाहर बैठकर, जेलों से या विदेश में रहकर शूटर भेजने वाले अपराधी यह गलतफहमी न पालें कि वे कानून की पकड़ से बच जाएंगे।
जांच में क्या निकला?
DGP के अनुसार, जांच में सामने आया है कि अंकित की हत्या कोई अचानक हुई घटना नहीं थी। पहले रेकी की गई और फिर सुनियोजित तरीके से हत्या करवाई गई। जांच में गोगी गैंग की भूमिका सामने आई है।
अफसरों का कहना है कि वर्ष 2021 में जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद गैंग की कमान दूसरे लोगों ने संभाल ली और वही गोगी के नाम पर आपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।
आपराधिक इतिहास का हो रहा सत्यापन
DGP ने बताया कि 29 अगस्त को घटना में शामिल आरोपियों की शिनाख्त कर ली गई थी और उनके आपराधिक इतिहास का सत्यापन कराया जा रहा है।
मामले में कुछ आरोपी जेल में बंद हैं, जबकि कुछ विदेश में बताए जा रहे हैं। सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। साजिशकर्ता, फाइनेंसर, शरणदाता और असलहों व अन्य लॉजिस्टिक उपलब्ध कराने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस टीम के लिए पुरस्कार का ऐलान
DGP ने कहा कि बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और पुलिस एजेंसियों के सहयोग से इस हत्याकांड का कम समय में खुलासा किया गया है। कानून के लंबे हाथ उन सभी लोगों तक पहुंचेंगे, जो इस वारदात में शामिल हैं।
इस कार्रवाई के लिए शामली पुलिस और STF की टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
