यूपी में बाढ़ का खतरा बढ़ा: 19 जिले प्रभावित, 1,976 लोगों को सुरक्षित निकाला; नेपाल की बाढ़ से महराजगंज-कुशीनगर में भी अलर्ट

समाचार सुपरफास्ट | लखनऊ / वाराणसी

बाढ़ का खतरा और बढ़ा, 19 जिलों में प्रशासन अलर्ट
नेपाल की आपदा और मॉनसून ने बढ़ाई मुसीबत

समाचार सुपरफास्ट डेस्क रिपोर्ट, लखनऊ: नेपाल की बाढ़ और ‘लॉन्ग ओवर’ में यूपी के मैदान पर मॉनसून की ‘मूसलाधार बारिश’ के कारण यूपी सरकार ने ‘रेस्क्यू मोड’ ऑन कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 19 बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

प्रदेश में फिलहाल अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी समेत कई जिले बाढ़ का दंश झेल रहे हैं।

वाराणसी में गंगा का जलस्तर रविवार रात खतरे का निशान पार कर गया। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट जाने वाली गलियों में पानी भरने पर नाव से शव ले जाए जा रहे हैं। वहीं, सोनभद्र में बाणसागर बांध के आठ गेट खोले जाने से सोन नदी उफान पर है। प्रयागराज से बलिया तक गंगा में तेज बहाव आगे भी जारी रहेगा।

गाजीपुर में सुहवल के डूहिया सरैया के पास रविवार रात नदी के टापू पर 12 चरवाहे करीब 2,000 भेड़ों के साथ फंस गए। पीएसी की फ्लड कंपनी और नाविकों ने छह घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन में सभी को सुरक्षित निकाला।

ऐसे ही चंदौली में तीन पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया। वहीं, लखीमपुर-खीरी में बौरा-पलिया स्टेशनों के बीच ट्रैक पर पानी भरने के कारण मैलानी-नानपारा रूट की सभी छह ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।

आंकड़ों में बाढ़ का हाल:
1,976 लोगो को सोमवार को सुरक्षित स्थानो पर पहुंचाया गया
1,708 लोग राहत शिविरो मे रह रहे है

प्रभावितों के लिए 312 राहत शिविर बनाए गए

राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य के लिए 549 बाढ़ चौकियां, 248 मेडिकल टीमें और 552 नाव-मोटरबोट लगाई गई हैं। सोमवार को 10,449 अनाज पैकेट और 6,368 लंच पैकेट बांटे गए। अब तक 65,532 अनाज पैकेट और 3.08 लाख से अधिक लंच पैकेट बांटे जा चुके हैं। बाढ़ प्रभावितों के लिए 312 राहत शिविर बनाए गए हैं, जिनमें 106 फिलहाल संचालित है।

महराजगंज और कुशीनगर में खास सतर्कता: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में भीषण बाढ़ से हुई क्षति को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए महराजगंज और कुशीनगर में स्थानीय प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नेपाल में बाढ़ के कारण महराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में हम नेपाल के साथ हैं।

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