समाचार सुपरफास्ट एक्सक्लूसिव: मथुरा में भ्रष्टाचार का नंगा नाच!
विवेक हेरिटेज बिल्डर ने सरकारी जमीन पर कब्जा, RERA के बिना प्लॉट बेचे, MVDA अधिकारियों की मिलीभगत? जांच रिपोर्ट दबाने की साजिश!
मथुरा। उत्तर प्रदेश के पावन शहर मथुरा में विकास प्राधिकरण और बिल्डरों की गठजोड़ से आम जनता को ठगने का एक और बड़ा मामला सामने आया है। मेसर्स विवेक हेरिटेज प्रोजेक्ट (K.V. Realty) के नाम पर चल रही इस परियोजना में सरकारी नाले, चक रोड और सरकारी भूमि को हड़पकर प्लॉट बेचने का आरोप लगा है। बिना RERA पंजीकरण के बड़े-बड़े विज्ञापन कर आम लोगों को फंसाया जा रहा है।
प्रार्थी आकाश चतुर्वेदी (बैंकर), समाचार सुपरफास्ट न्यूज के सी.ई.ओ & एडिटर इन चीफ ने 1 दिसंबर 2025 को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) के तत्कालीन उपाध्यक्ष को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
RERA नियमों का खुला उल्लंघन: विवेक हेरिटेज प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश RERA में आज तक पंजीकृत नहीं है, फिर भी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर जमकर विज्ञापन चलाए जा रहे हैं। प्लॉट बेचे जा रहे हैं। यह RERA एक्ट-2016 की धारा 3 का सीधा उल्लंघन है।
फर्जी दस्तावेज और सरकारी जमीन पर कब्जा: MVDA द्वारा स्वीकृत लेआउट मानचित्र संख्या MVDA/LD/23-24/1319 और MVDA/LD/24-25/0659 में खसरा संख्या 717 समेत कई खसरों में सरकारी नाले, चक रोड और अन्य सरकारी भूमि को जानबूझकर छिपाया गया।
इन खसरों (690, 691क, 693क, 701, 702, 703, 706, 715, 716, 717, 718, 719, 738, 740) पर बिल्डर का कोई अधिकार नहीं है। फर्जी मुख्तियारनामा तैयार करवाया गया।
तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार: तहसील सदर द्वारा जारी NOC में सरकारी भूमि छिपाई गई। लेखपाल जगन्नाथ भारद्वाज, राजस्व निरीक्षक राकेश कुमार और तहसीलदार की रिपोर्ट पर सवाल उठाए गए हैं।
मास्टर प्लान-2031 का उल्लंघन: रोड लाइन को डिस्टर्ब किया गया, ग्रीन बेल्ट और ओपन एरिया में फार्म हाउस प्लॉट काटकर बेच दिए गए।
अनुचित आर्थिक लाभ: प्राधिकरण के टाउन प्लानर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक ने नियमों को ताक पर रखकर लेआउट पास किया, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि हुई।
शिकायत का तुरंत असर: शिकायत मिलते ही तत्कालीन उपाध्यक्ष श्री श्याम बहादुर सिंह ने संज्ञान लिया और MVDA पत्र संख्या 2932/म.वृ.वि.प्रा./2025-26 दिनांक 23 दिसंबर 2025 को जांच समिति गठित कर दी। समिति में सचिव नगर नियोजक (अध्यक्ष), सहायक नगर नियोजक और श्री पंकज शुक्ला, सहायक अभियंता शामिल थे। समिति को 5 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया था।
लेकिन फिर क्या हुआ?
तत्कालीन उपाध्यक्ष श्री श्याम बहादुर सिंह का ट्रांसफर हो गया। नई उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी एन ने पूरे मामले को दबा दिया। जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, कोई आगे की कार्रवाई नहीं हुई। बिल्डर सुनंद मित्तल (पुत्र श्री विवेक कुमार मित्तल) के स्थानीय प्रभाव के कारण शिकायत को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
प्रार्थी की मांगें:
दोनों लेआउट मानचित्र तत्काल निरस्त किए जाएं।
बिल्डर और संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर आपराधिक मुकदमा चलाया जाए।
बाहरी जनपद के सीनियर IAS/IPS अधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
सभी बिक्री/रजिस्ट्री पर तुरंत रोक लगाई जाए और खरीदारों को राहत दी जाए।
प्रतिलिपि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, RERA अधिकारियों और आगरा मंडल आयुक्त को भी भेजी गई थी।
समाचार सुपरफास्ट न्यूज की मांग:
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से मासूम खरीदारों का पैसा लुट रहा है। यूपी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस पूरे घोटाले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बिल्डर माफिया और सरकारी अधिकारियों के गठजोड़ को बेनकाब किया जाए।
क्या कहते हैं प्रभावित लोग?
आम खरीदारों से अपील: ऐसी अवैध परियोजनाओं से दूर रहें, अपना पैसा बचाएं।
मथुरा विकास प्राधिकरण, RERA और शासन से सवाल:
जांच समिति की रिपोर्ट कहां है?
बिना RERA के प्लॉट बिक्री क्यों चल रही है?
सरकारी जमीन पर बने प्लॉटों की क्या स्थिति है?
यह मामला सिर्फ एक बिल्डर का नहीं, पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता का सवाल है। समाचार सुपरफास्ट न्यूज लगातार इसकी निगरानी कर रहा है। सरकार और प्रशासन से अपील है कि बिल्डर-माफिया पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जागरूक रहें, आवाज उठाएं।
समाचार सुपरफास्ट – सच्चाई की लड़ाई में आपके साथ।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क: 90455-65844)
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