मौनी अमावस्या के स्नान की तारीख करीब है और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में पुलिस प्रशासन प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या में बदलाव के आधार पर मार्ग को खोलने और बंद करने का काम कर रहा है। इससे हो यह रहा है कि जिन लागों को जानकारी नहीं है वो गूगल मैप का प्रयोग कर रहे हैं और रास्तों के जाल में उलझ जा रहे हैं। इसके साथ ही उन लोगों को भी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है जो लोग पांटून पुल पर होते हैं। वहां से लोकेशन में मैप का प्रयोग करने पर कई बार दिखाता है कि आप नदी में है। ऐसा ही एक अनुभव त्रिवेणी संकुल, मेला सर्किट हाउस को लेकर हुआ। रास्ता जहां का गूगल मैप में आ रहा था उससे आधा किलोमीटर पहले दूसरी दिशा में यह स्थित था। मैप खोलने के बाद भी हमें वहां पहुंचने के लिए सुरक्षाकर्मियों की सहायता लेनी पड़ी।
