रिपोर्ट:- ब्रेकिंग न्यूज!
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के रोक के बावजूद अवैध निर्माण ईमानदार अधिकारियों की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह?
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के भ्रष्ट अवर अभियंता सुनील कुमार राजोरिया ने किया करोड़ों के राजस्व का हरण!
अवर अभियंता सुनील कुमार राजोरिया के संरक्षण में हो रहे दर्जनों अवैध निर्माण
योगी सरकार के राजस्व और एमवीडीए के समन शुल्क को जाओ भूल,
खुलेआम भरो अपनी जेबें और रहो ठंडा ठंडा कूल कूल
मथुरा। ताजा खुलासा! मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण की सख्त सार्वजनिक सूचना के बावजूद गोविंद नगर क्षेत्र के एफ सेक्टर में अवैध निर्माणों का खेल बेखौफ जारी है।
निर्माण चौराहे पर दिन-दहाड़े किया जा रहा है बिना किसी रोक-टोक के अवैध होटल खड़े हो रहे हैं, जिससे उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
बोर्ड पर क्या लिखा है?
मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण द्वारा जारी इस सार्वजनिक सूचना में साफ-साफ चेतावनी दी गई है कि गोविंद नगर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड, मथुरा द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर बनाए गए निर्माण अवैध माने जाएंगे। 29 जून 1987 के आदेश के अनुसार यह भूमि प्राधिकरण को हस्तांतरित की गई थी। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति निर्माण या भूमि खरीद-फरोख्त करता है तो उसे गैर-कानूनी माना जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन हकीकत कुछ और ही है…
ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, प्राधिकरण की इस सूचना के बावजूद क्षेत्र में अवैध निर्माण लगातार बढ़ रहे हैं। क्षेत्रीय अवर अभियंता इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारी भी क्षेत्र का भ्रमण नहीं कर रहे हैं। इससे न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सरकारी खजाने को भी करोड़ों का नुकसान पहुंच रहा है।
सवाल उठते हैं…
प्राधिकरण की सूचना सिर्फ कागजों तक ही क्यों सीमित है?
अवर अभियंता क्यों कार्रवाई नहीं कर रहे?
क्या गोविंद नगर में सेटिंग-गेटिंग का राज चल रहा है?
समाचार सुपरफास्ट की टीम इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रही है। हमारी मांग है कि मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के उच्चाधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई करें और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।
दर्शकों से अपील: यदि आपको अपने क्षेत्र में कोई अवैध निर्माण नजर आए तो तुरंत हमें सूचित करें। आपकी आवाज़ बुलंद रहेगी तो प्रशासन को भी एक्शन लेना पड़ेगा।
अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
क्या गोविंद नगर में अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी?
रिपोर्ट:- आकाश चतुर्वेदी बैंकर
सी.ई.ओ & एडिटर इन चीफ
समाचार सुपरफास्ट न्यूज
(उत्तर-प्रदेश/उत्तराखंड)



