Budget 2025 : SEA ने की रिफाइंड खाद्य तेलों पर उच्च आयात शुल्क की मांग, साबुन और नूडल्स को लेकर आई यह डिमांड

खाद्यतेल उद्योग निकाय, एसईए ने मंगलवार को सरकार से रिफाइंड खाद्य तेलों के आयात को विनियमित करने, साबुन और नूडल्स जैसे तैयार उत्पादों के शुल्क मुक्त देश में आने वाली आयात खेपों को प्रतिबंधित करने और डी-ऑइल राइस ब्रान (चावल भूसी) पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने का आग्रह किया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपे गए अपने बजट पूर्व ज्ञापन में सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात निर्भरता को कम करने के लिए वित्तीय सहायता में वृद्धि के साथ ‘खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशन’ (एनएमईओ) शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसने कहा कि एनएमईओ को मौजूदा 10,000 करोड़ रुपये के मुकाबले अगले पांच वर्षों के लिए न्यूनतम 25,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लागू करने की जरूरत है, ताकि देश की आयातित तेलों पर निर्भरता को वित्तवर्ष 2029-30 तक 65 प्रतिशत के मौजूदा स्तर से घटाकर 25-30 प्रतिशत किया जा सके।

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