आखिर कहां गए बैंक में जमा करोड़ों रुपये !
BOI में ₹64.82 करोड़ और BOB में ₹64.91 लाख का हेरफेर
समाचार सुपरफास्ट न्यूज़, लखनऊ
राजधानी में दो सरकारी बैंकों से खाता धारकों की रकम गायब होने से खलबली मची हुई है। पुलिस जांच का दावा कर रही है, लेकिन खाताधारक इस पसोपेश में हैं कि किस पर भरोसा करें। अगर सरकारी, बैंकों में भी रकम सुरक्षित नहीं है। तो वे कहां निवेश करें। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने पीड़ितों को जांच कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
वन निगम के ₹64.82 करोड़ का
पता नहीं: बैंक ऑफ इंडिया की सदर शाखा में एफडी के लिए भेजे गए वन निगम के 64.52 करोड़ की रकम में हेरफेर हो गया है। वन निगम के नाम से एफढी के बजाए दूसरी फर्म के नाम से एफडी कर दी गई, वह भी सिर्फ 6.82 करोड़ रुपये की। बाकी रकम कहां गई? यह अभी पता नहीं चल सका है। गाजीपुर थाना प्रभारी का कहना है कि वन निगम के एमडी अरविंद कुमार की तहरीर पर बैंक ऑफ इंडिया के अज्ञात कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शुक्रवार को बैंक खुलने पर जिम्मेदारों से पूछताछ की जाएगी, तभी साफ हो सकेगा कि वन निगम की ओर से किस अकाउंट में रकम ट्रांसफर की गई। वहाँ से रकम का ट्रांजैक्शन किस मद और किस खते में हुआ है।
बैंक की ओर से की गई FD भी
फर्जी! : मेहान रोड स्थित शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी के बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में 22 खाता धारकों के अकाउंट से उनकी अनुमति के बिना 64.91 लाख रुपये निकल गए। यही नहीं बैंक की ओर से की गई एफडी भी फर्जी बताई जा रही है। इसको लेकर खाताधारक हैरान हैं। बैंक के बहर हंगामा व प्रदर्शन का दौर चल रहा है।
ईओडब्लू को ट्रांसफर हो सकता है केस
गाजीपुर थाने की पुलिस बैंक ऑफ इंडिया की सदर शाखा के कर्मचारियों से शुक्रवार को पूछताछ करेगी। प्राथमिक जांच में अगर वन निगम की एफडी की रकम के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी तो यह मामला ईओडब्लू को ट्रासफर किया जा
सकता है। जांच की मॉनिटरिंग कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला 64 करोड से अधिक के गबन का है, लिहाजा एजेंसी को इसकी जाच सौपी जा सकती है। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है।
दोनों मामलों छानवीन कर रही पुलिस, शुक्रवार को पछताछ पूछताछ तैयारी की में
पारा थाने की पुलिस ने हंगामा करने वाले खाता धारकों को समझाकर शांत करवा दिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि बैंक मित्र के जरिए ही पीड़ितों ने रकम जम करवाई थी। उसी ने एफडी की रसीद भी दी थी। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि उसने बैंक के फर्जी दस्तावेज तो पीड़ितों को नहीं दिए हैं। रकम वापस नही हुई तो होगी एफआईआर बैंक ऑफ बड़ौदा मामले में डीसीपी पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि अभी किसी पीड़ित ने कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस की अब तक की जांच में एक बैंक मित्र की भूमिका सामने आ रही है। उसने पीड़ितों की रकम को इधर-उधर इंवेस्ट किया है। बैंक मित्र से दस लाख रुपये खाताधारकों को वापस करवाए गए हैं। बाकी रकम वापस करने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ उसकी ओर से खाताधारकों को दिए गए दस्तावेजों की जांच हो रही है। रकम वापस न करने पर उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी।
खाते से कटे 17 लाख, परिवार शादी के लिए परेशान
समाचार सुपरफास्ट न्यूज, राजाजीपुरम : सरोसा निवासी किसान सालिकराम पाल ने अपनी दोनों बेटियों कमला व कुसमा की शादी के लिए पैतृक जमीन बेचकर और मजदूरी करके लाख 30 हजार रुपये जमा किए थे। इसमे 5 लाख, 3 लाख. 2 लाख की एफडी कराई गई थी और 7 लाख 30 हजार रुपये खाते में थे। किसान का कहना है कि अब खाते में केवल 2867 रुपये दिख रहे है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है क्योंकि 13 फरवरी को तिलक और 19 फरवरी को शादी है, लेकिन पैसे कट जाने से शादी की खरीददारी रुक गई। बेटे लवकुश का आरोप है कि अलग-अलग तारीखो में रकम कटकर नाजिया के खाते में ट्रांसफर की गई है। आरोप है कि जब भी पासबुक में इंट्री करवाने जाते थे तो बैंककर्मी बाद में आने की बात कहकर टाल देते थे। पीड़ित ने बैंक में लिखित शिकायत की है।
