रिपोर्ट:- आकाश चतुर्वेदी बैंकर
सी.ई.ओ & एडिटर इन चीफ
समाचार सुपरफास्ट न्यूज
(उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड)
BREAKING NEWS – सुप्रीम कोर्ट सख्त
प्राइवेट यूनिवर्सिटी पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा हंटर – मुनाफाखोरी बंद करो!
समाचार सुपरफास्ट, दिल्ली: प्राइवेट यूनिवर्सिटियों की मनमानी पर सुप्रीम कोर्ट ने अब सबसे बड़ा आदेश दिया है।
क्या है नया आदेश – 17 सितंबर 2026 का?
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की बेंच ने साफ कहा है –
“No Private University Shall Be Run As Profit-Making Institution” – कोई भी प्राइवेट यूनिवर्सिटी मुनाफा कमाने की दुकान नहीं चल सकती!
मामला नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी की एक छात्रा आयशा जैन की शिकायत से शुरू हुआ था, लेकिन कोर्ट ने इसे पूरे देश का मामला बना दिया।
अब सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटी को 6 हफ्ते में देना होगा हिसाब:
- 5 साल के ऑडिटेड अकाउंट – कितना पैसा आया, कहाँ खर्च हुआ
- फीस, डेवलपमेंट फंड, इवेंट चार्ज के नाम पर कितनी वसूली?
- जो लोग पढ़ाते नहीं, बोर्ड में बैठे हैं, उनको कितनी सैलरी/सुविधा दी जा रही है – ये भी बताना होगा
- जमीन सस्ते में ली? सरकार से क्या-क्या छूट ली? सब बताओ
- एडमिशन कैसे किया, पेपर कौन बनाता है, कॉपी कौन चेक करता है, क्लास रोज हुई या नहीं – क्लास-बाय-क्लास रिकॉर्ड!
कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश दिया है – 6 हफ्ते में एफिडेविट फाइल करो। नहीं देने पर 5 लाख का जुर्माना भी लगा है।
इसका मतलब क्या है आकाश जी?
अब UP, मथुरा, वृंदावन की भी सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटी – चाहे GLA हो, संस्कृति हो, सबको अपनी बैलेंस शीट खोलनी पड़ेगी। छात्रों से लूट बंद होगी।
