जेवर एयरपोर्ट पर बारिश के बाद जलभराव, NIAL ने YIAPL से मांगी रिपोर्ट

नोएडा/ग्रेटर नोएडा:
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के निर्माण और व्यवस्थाओं को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में हुई बारिश के बाद एयरपोर्ट परिसर के पार्किंग एरिया में भारी जलभराव देखने को मिला। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL – नायल) ने कड़ा रुख अपनाया है और निर्माणकर्ता कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (YIAPL – यापल) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

NIAL ने रिपोर्ट में क्या पूछा?
नायल के अधिकारियों ने यापल (YIAPL) से तुरंत जवाब दाखिल करने को कहा है। रिपोर्ट में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है:

जलभराव का कारण: इतने बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट में पहली बारिश या सामान्य जलभराव का कारण क्या रहा?

ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति: एयरपोर्ट परिसर का ड्रेनेज (जल निकासी) सिस्टम किस स्तर पर है और इसमें क्या खामियां पाई गईं?

सुधारात्मक कदम: भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो, इसके लिए क्या त्वरित और स्थाई कदम उठाए जा रहे हैं?

विपक्षी दलों ने बोला हमला: सपा और कांग्रेस के निशाने पर सरकार
इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी पारा भी चढ़ गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने प्रोजेक्ट के निर्माण और इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

समाजवादी पार्टी का रुख: सपा नेताओं का कहना है कि सरकार बड़े-बड़े दावों के साथ ड्रीम प्रोजेक्ट्स का प्रचार करती है, लेकिन पहली ही बारिश में बुनियादी खामियां उजागर हो जाती हैं। पार्टी ने इसे भ्रष्टाचार और निर्माण कार्य में लापरवाही का नतीजा बताया।

कांग्रेस का हमला: कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जिस एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया जा रहा है, वहां जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधा का यह हाल है। पार्टी ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रोजेक्ट और YIAPL की जिम्मेदारी
ज्ञात हो कि जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसके निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (YIAPL) के पास है, जो ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल (Zurich Airport AG) की 100% सहायक कंपनी है।

अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ड्रेनेज डिजाइन में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे ताकि एयरपोर्ट के आधिकारिक संचालन से पहले सभी कमियों को दुरुस्त किया जा सके।


रिपोर्ट:- आकाश चतुर्वेदी बैंकर
सी.ई.ओ & एडिटर इन चीफ
समाचार सुपरफास्ट न्यूज़
(उत्तर-प्रदेश \ उत्तराखंड)

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