ब्रेकिंग न्यूज: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में प्लॉट आवंटन को लेकर गंभीर आरोप, RTI में लिस्ट न देने से बढ़ा शक
ग्रेटर नोएडा।
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण – GNIDA में कमर्शियल प्लॉट आवंटन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सूत्रों का दावा है कि गत 2023 से 2026 तक हुए आवंटनों में नियमों को दरकिनार कर कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाया गया।
RTI में लिस्ट मांगने पर नहीं मिला जवाब
समाचार सुपरफास्ट के पास उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2023 से 2026 तक आवंटित कमर्शियल प्लॉट्स की वर्षवार सूची और आवंटियों का ब्यौरा RTI के माध्यम से मांगा गया था। RTI पंजीकरण संख्या जीएनआईडीए/आर/2026/60463, दिनांक 19/05/2026। लेकिन 30 दिन बीत जाने के बाद भी प्राधिकरण द्वारा कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। RTI कार्यकर्ताओं का कहना है कि सूचना न देना पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
आरोप: कर्नाटक के लोगों को विशेष लाभ?
सूत्रों का आरोप है कि GNIDA के CEO एन जी रवि कुमार के कार्यकाल में कर्नाटक के कुछ लोगों/कंपनियों को नियमों के विपरीत जाकर प्लॉट आवंटित किए गए। हालांकि प्राधिकरण की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
बीते कार्यकाल का हवाला
आरोप लगाने वालों ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी का नाम पहले भी बसपा सरकार के समय मथुरा सहित अन्य जिलों में विवादों में आ चुका है और कई बार यह मामला अखबारों की सुर्खियां बना था।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
चर्चा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “जीरो टॉलरेंस” और पारदर्शी शासन की छवि के बीच इस तरह के आरोप सरकार के लिए असहज करने वाले हैं।
प्रशासन से मांग
फिलहाल RTI आवेदक और स्थानीय लोगों ने प्रदेश सरकार और नगर विकास विभाग से मांग की है कि 2023 से 2026 तक हुए सभी कमर्शियल प्लॉट आवंटनों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और पूरी लिस्ट सार्वजनिक की जाए।
इस पूरे मामले में GNIDA प्रशासन का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
रिपोर्ट: आकाश चतुर्वेदी “बैंकर”
सी.ई.ओ & एडिटर इन चीफ
समाचार सुपरफास्ट न्यूज़
(उत्तर-प्रदेश – उत्तराखंड)
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