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नई दिल्ली
दिनांक: 31 जुलाई 2026
युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार का बड़ा कदम, पेपर लीक पर अब सख्त कानून
नई दिल्ली। परीक्षा में धांधली और पेपर लीक पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। संसद ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है।
नए कानून का मकसद मेहनती अभ्यर्थियों के सपनों की रक्षा करना और देश में पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
नए कानून के मुख्य प्रावधान:
1. त्वरित न्याय की व्यवस्था
पेपर लीक के मामलों में रोजाना सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। हर कोर्ट में मामले की पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजक की तैनाती होगी।
2. सख्त सजा और भारी जुर्माना
- पेपर लीक गिरोह: 7 से 10 वर्ष तक जेल और ₹10 करोड़ से अधिक जुर्माना
- अनुचित साधन अपनाने वाले अभ्यर्थी: 5 से 10 वर्ष जेल और ₹50 लाख तक जुर्माना
- दोषी परीक्षा एजेंसियां/सेवा प्रदाता: ₹5 करोड़ तक जुर्माना और 8 वर्ष का बैन
- संलिप्त प्रबंधन/निदेशक: 5 से 10 वर्ष जेल और ₹5 करोड़ तक जुर्माना
सरकार का कहना है कि इस कानून से न सिर्फ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, बल्कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर भी रोक लगेगी।
शिक्षा जगत और अभ्यर्थियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर बताया है।
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